पानीपत, 4 अगस्त। मंगलवार दोपहर हुई मूसलाधार बारिश ने पानीपत शहर की रफ्तार पूरी तरह थाम दी। कुछ ही घंटों की तेज बारिश के बाद शहर के प्रमुख बाजार, सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए। हालात ऐसे बने कि कई बाजारों में दुकानों के अंदर तक पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। जलभराव के कारण शहर की कई सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जिससे जगह-जगह लंबा जाम लग गया। लोगों को घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा, जबकि पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
असंध रोड अंडरपास बना तालाब
बारिश के बाद सबसे खराब स्थिति असंध रोड अंडरपास पर देखने को मिली। अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया और पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनज़र यहां से वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। कई वाहन चालक बीच रास्ते से ही वापस लौटने को मजबूर हो गए।बाजारों में ठप हुआ कारोबार
मुख्य बाजारों में जलभराव के कारण दुकानों के अंदर तक पानी पहुंच गया। व्यापारियों ने जल्दबाजी में सामान को ऊंची जगहों पर रखकर बचाने का प्रयास किया। कई दुकानों में फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य सामग्री भीग गई। ग्राहकों की आवाजाही लगभग बंद होने से कारोबार भी प्रभावित रहा।नालों की सफाई पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती। समय पर नालों की सफाई नहीं होने और सीवर ओवरफ्लो होने से बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभागों से जवाबदेही तय करने की मांग की।मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भी जिले में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों से जलभराव वाले क्षेत्रों और अंडरपास से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा बच्चों को पानी भरे स्थानों के आसपास न जाने देने की अपील की है।बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं शहर की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर भी सामने ला दी। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन जलभराव से राहत दिलाने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
