पानीपत (कृष्णपुरा): कृष्णपुरा क्षेत्र की गणेश कॉलोनी में बिजली विभाग द्वारा बिछाई जा रही नई बिजली लाइन को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराज़गी और चिंता का माहौल है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग ने खंभे और तार लगाने के दौरान सुरक्षा मानकों और आम लोगों की सुरक्षा की अनदेखी की है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे मकानों की दीवारों से सटाकर खड़े कर दिए गए हैं, जबकि बिजली की तारें घरों की छतों, बालकनियों और कमरों के ऊपर से बेहद कम दूरी पर गुजारी जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी लाइन को व्यवस्थित और सीधी दिशा में लगाने के बजाय ज़िगज़ैग तरीके से बिछाया जा रहा है। इसके कारण कई जगह बिजली के खंभे सड़क या गली के बीच संतुलित दूरी पर लगाने के बजाय घरों की ओर खिसका दिए गए हैं। परिणामस्वरूप कई मकानों के ऊपर से या बिल्कुल पास से बिजली की लाइन गुजर रही है। लोगों का आरोप है कि यह कार्य तकनीकी दृष्टि से भी उचित नहीं लगता और भविष्य में गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
निवासियों का कहना है कि रोजमर्रा के सामान्य कार्य, जैसे छत पर कपड़े सुखाना, पानी की टंकी की सफाई करना, बच्चों का छत पर खेलना, घर की पुताई या मरम्मत करना, अब जोखिम भरा हो जाएगा। यदि किसी कारणवश बिजली की तार टूट जाए, झुक जाए या तेज हवा और बारिश के दौरान किसी छत या बालकनी के संपर्क में आ जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि बिजली जैसी संवेदनशील व्यवस्था में छोटी-सी लापरवाही भी किसी की जान ले सकती है।
कॉलोनीवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग ने लाइन बिछाने से पहले स्थानीय लोगों की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया। कई लोगों ने मौके पर ही कर्मचारियों को खंभों और तारों की स्थिति को लेकर आपत्ति जताई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही सही सर्वे कर योजना बनाई जाती, तो बिजली की लाइन को सुरक्षित दूरी से निकाला जा सकता था।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि पूरे कार्य की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र तकनीकी टीम से कराई जाए। यदि कहीं भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जाए तथा खंभों और तारों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
गणेश कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि उनका उद्देश्य विकास कार्यों का विरोध करना नहीं है। वे केवल यह चाहते हैं कि बिजली की लाइन इस प्रकार लगाई जाए जिससे किसी के जीवन और संपत्ति को खतरा न हो। उनका कहना है कि विभाग को जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
