तिरुवनंतपुरम/कोच्चि: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (27 मई) की सुबह केरल की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा (CPI-M) के वरिष्ठ नेता पिनाराई विजयन के घरों, उनकी बेटी टी. वीणा की कंपनी और दामाद व पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास के ठिकानों सहित करीब 12 जगहों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई बहुचर्चित 'CMRL (कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड) वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग' मामले में की गई है
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केंद्रीय सुरक्षा बलों के साए में तड़के शुरू हुई रेड
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार सुबह-सुबह ईडी की टीमें सशस्त्र केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों के साथ अलग-अलग गाड़ियों में निकलीं। तिरुवनंतपुरम में विजयन के किराए के आवास, कन्नूर में उनके पैतृक घर और कोझिकोड में उनके दामाद मोहम्मद रियास के घर को पूरी तरह से घेरे में ले लिया गया। छापेमारी के दौरान खुद पूर्व मुख्यमंत्री और उनका परिवार घर पर ही मौजूद था। इसके अलावा बेंगलुरु और कोच्चि में भी कुछ जगहों पर तलाशी जारी है।
क्या है पूरा मामला (CMRL पे-ऑफ केस)?
यह पूरा विवाद साल 2023 में तब सामने आया था जब आयकर विभाग (Income Tax) की एक जांच में पता चला कि कोच्चि की एक निजी खनन कंपनी CMRL ने पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी टी. वीणा की आईटी कंपनी 'एक्सालोजिक सोल्यूशंस' (Exalogic Solutions) को साल 2017 से 2020 के बीच करीब ₹1.72 करोड़ का भुगतान किया था।
बिना काम के पैसे का आरोप: जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस भुगतान के बदले वीणा की कंपनी ने कोई आईटी या कंसल्टेंसी सेवा नहीं दी थी। यह पैसा सिर्फ 'एक बड़े राजनेता' से रिश्तों की वजह से दिया गया था।
SFIO की जांच: इस मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) पहले से ही जांच कर रहा है, जिसने टी. वीणा और CMRL के प्रबंध निदेशक शशिधरन कार्था समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है।
हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलते ही हरकत में आई ED
ईडी की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई केरल हाईकोर्ट द्वारा मंगलवार (26 मई) को दिए गए एक बड़े फैसले के ठीक अगले दिन हुई है। दरअसल, खनन कंपनी CMRL ने ईडी की जांच और समन को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन अदालत ने इस याचिका को खारिज करते हुए ईडी को जांच जारी रखने की अनुमति दे दी। कोर्ट का आदेश आते ही जांच एजेंसी ने सीधे पूर्व मुख्यमंत्री के ठिकानों पर दस्तक दे दी।
सियासी घमासान तेज: माकपा ने बताया 'राजनीति से प्रेरित'
इस छापेमारी के बाद केरल की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। सीपीआई(एम) के केंद्रीय समिति सदस्य एम.ए. बेबी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे बीजेपी सरकार का 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताया है।
एम.ए. बेबी (माकपा नेता): "यह देश के शीर्ष विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की बीजेपी की पुरानी रणनीति का हिस्सा है। जैसे दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाया गया, वैसे ही केरल में पिनाराई विजयन को डराने की कोशिश हो रही है। हम इससे डरने वाले नहीं हैं।"
दूसरी तरफ, कांग्रेस और विपक्षी दलों का कहना है कि सच सामने आना ही चाहिए। केरल विधानसभा चुनाव के बाद नेता प्रतिपक्ष की भूमिका संभाल रहे पिनाराई विजयन के लिए यह कानूनी और राजनीतिक मोर्चे पर एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
