पानीपत में अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर चल रहे नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का गुस्सा आज सातवें आसमान पर पहुंच गया। मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने शहर के भाजपा विधायक प्रमोद विज के निवास और कार्यालय के बाहर कूड़े से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पलट दीं। इस उग्र प्रदर्शन ने शहर की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
विरोध का अनोखा तरीका
हड़ताली कर्मचारी सुबह भारी संख्या में एकत्रित हुए और कूड़े से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ विधायक प्रमोद विज के कार्यालय पहुंचे। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने कार्यालय के मुख्य द्वार के ठीक सामने भारी मात्रा में गंदगी और कूड़ा फैला दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी विधायक के निवास स्थान पर भी पहुंचे और वहां भी इसी तरह अपना विरोध दर्ज कराया।
हड़ताल का कारण: कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों (जैसे पक्का करना, बकाया वेतन और अन्य भत्ते) को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार से कोई ठोस आश्वासन न मिलने से वे नाराज हैं।
शहर का हाल: पिछले कई दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण पानीपत शहर में कूड़े के ढेर लग गए हैं। गलियों और मुख्य सड़कों पर फैली गंदगी से आम जनता का जीना मुहाल हो गया है।
कर्मचारियों की चेतावनी: प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन और भी उग्र होगा।
"हम कई दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही। यह तो बस शुरुआत है, अगर मांगें नहीं मानी गईं तो शहर में व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी।" -- सफाई कर्मचारियों संगठन प्रतिनिधि
विधायक की प्रतिक्रिया का इंतज़ार
इस घटना के बाद विधायक कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि, विधायक की ओर से अभी तक इस उग्र प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन अब कूड़ा हटाने और कर्मचारियों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास में जुटा है।
शहरवासियों को डर है कि यदि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो भीषण गर्मी के बीच शहर में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
