नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने चांदी के आयात को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए नई पाबंदियां लागू कर दी हैं। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुछ श्रेणियों में चांदी के आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जबकि बाकी आयात प्रक्रिया को भी कड़ी निगरानी के दायरे में लाया गया है। इस फैसले के बाद देशभर के सर्राफा बाजारों, ज्वेलरी कारोबारियों और आयातकों में हलचल तेज हो गई है।
सरकार का कहना है कि पिछले कुछ समय में चांदी के आयात में असामान्य बढ़ोतरी देखने को मिली थी। इसके चलते व्यापार संतुलन प्रभावित हो रहा था और विदेशी बाजारों पर निर्भरता लगातार बढ़ रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने यह सख्त कदम उठाया है। सरकार का उद्देश्य घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना, अवैध आयात पर रोक लगाना और विदेशी मुद्रा के अनावश्यक खर्च को नियंत्रित करना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार नए आदेश लागू होते ही बंदरगाहों, एयर कार्गो टर्मिनलों और सीमा शुल्क विभागों को विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों को चांदी से जुड़े हर आयात की बारीकी से जांच करने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके।
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर सर्राफा कारोबार और ज्वेलरी इंडस्ट्री पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि आयात में कमी आती है तो बाजार में चांदी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। खासकर शादी-विवाह के सीजन और औद्योगिक उपयोग में चांदी की मांग बढ़ने पर इसका असर और ज्यादा महसूस हो सकता है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम देश के व्यापार घाटे को नियंत्रित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि पाबंदी लंबे समय तक जारी रहती है तो छोटे व्यापारियों और ज्वेलरी निर्माताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
सर्राफा बाजार से जुड़े कई व्यापारिक संगठनों ने सरकार के फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अचानक लागू हुए नियमों से कारोबार प्रभावित हो सकता है और पहले से दिए गए ऑर्डर भी अटक सकते हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञ इसे घरेलू उत्पादन और रिसाइक्लिंग उद्योग को बढ़ावा देने वाला कदम मान रहे हैं।
फिलहाल सरकार की ओर से साफ कर दिया गया है कि नए आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में इस फैसले का असर चांदी की कीमतों और बाजार की स्थिति पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।
