बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। कांग्रेस हाईकमान और राहुल गांधी से मिले सीधे संदेश के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, राज्य में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री वाले कथित फॉर्मूले (Rotational CM Promise) को लागू करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने यह कदम उठाया है। सिद्धारमैया की जगह अब प्रदेश के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को कर्नाटक की कमान सौंपी जा सकती है।
गुरुवार को बुलाई कैबिनेट बैठक, दे सकते हैं इस्तीफा
सियासी गलियारों में सुगबुगाहट उस वक्त हकीकत के करीब दिखने लगी जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार (28 मई) की सुबह अपने आवास पर सभी कैबिनेट मंत्रियों की एक 'ब्रेकफास्ट मीटिंग' (Breakfast Meeting) बुलाई। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में वे मंत्रियों के साथ अपनी विदाई और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके तुरंत बाद वे राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।
दिल्ली में हुई मैराथन बैठक के बाद फैसला
यह पूरा घटनाक्रम दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के साथ सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की करीब 6 से 7 घंटे चली मैराथन बैठक के बाद शुरू हुआ है।
हाईकमान का फॉर्मूला: सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने सिद्धारमैया को साल 2023 के चुनाव के बाद हुआ वादा याद दिलाया।
राष्ट्रीय भूमिका का ऑफर: सिद्धारमैया को दिल्ली बुलाकर राज्यसभा सीट और राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने की पेशकश की गई है। सिद्धारमैया ने भी अपने करीबियों से कहा है कि वे हाईकमान के फैसले का सम्मान करेंगे।
पार्टी का आधिकारिक रुख: हालांकि, कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने आधिकारिक तौर पर इस बदलाव को केवल 'अफवाह' बताया है और कहा है कि बैठक सिर्फ आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के टिकटों को लेकर थी। लेकिन जमीनी हलचल कुछ और ही बयां कर रही है।
डीके शिवकुमार रेस में सबसे आगे, कैबिनेट में भी फेरबदल की तैयारी
सिद्धारमैया के हटने की स्थिति में डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। वे पिछले कई महीनों से इस पद के प्रबल दावेदार रहे हैं। इसके साथ ही कर्नाटक कांग्रेस में बड़े सांगठनिक बदलाव भी होंगे:
डीके शिवकुमार पिछले 6 साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (KPCC) का पद संभाल रहे हैं, इसलिए अब नया प्रदेश अध्यक्ष भी चुना जाएगा।
सिद्धारमैया गुट के विधायकों और मंत्रियों को सांत्वना देने के लिए कैबिनेट में बड़ा फेरबदल हो सकता है, जिसके तहत राज्य में कुछ नए डिप्टी सीएम (उप-मुख्यमंत्री) भी बनाए जा सकते हैं।
शुक्रवार या शनिवार को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक बुलाई जा सकती है, जिसमें नए नेता के नाम पर आधिकारिक मुहर लगेगी। फिलहाल पूरे देश की नजरें बेंगलुरु में होने वाली गुरुवार की सुबह की बैठक पर टिकी हैं।
