नई दिल्ली/पानीपत: दुनिया अभी कोरोना महामारी के जख्मों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि 'हंता वायरस' (Hantavirus) की खबरों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में एक क्रूज शिप पर इसके कुछ मामले और मौतें दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे "अगली महामारी" बताया जा रहा है। लेकिन क्या वास्तव में यह कोरोना की तरह खतरनाक और संक्रामक है? आइए विस्तार से समझते हैं।
क्या है हंता वायरस?
हंता वायरस कोई नया वायरस नहीं है। यह वायरस मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृन्तकों (Rodents) के जरिए फैलता है। जब इंसान संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आता है, तो वह इस वायरस की चपेट में आ सकता है।
क्या यह कोरोना जैसी महामारी बन सकता है?
संक्रमण का तरीका: कोरोना वायरस 'हवा' के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान में बहुत तेजी से फैलता था। इसके विपरीत, हंता वायरस आमतौर पर इंसान से इंसान में नहीं फैलता। यह केवल चूहों के सीधे संपर्क या उनकी गंदगी वाली धूल में सांस लेने से फैलता है।
सीमित प्रसार: हंता वायरस के मामले आमतौर पर छिटपुट होते हैं और किसी खास इलाके (जहां चूहों की संख्या अधिक हो) तक ही सीमित रहते हैं।
अपवाद: दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले 'एंडिस वायरस' (Andes virus) जैसे कुछ दुर्लभ स्ट्रेन में सीमित स्तर पर इंसान से इंसान में संक्रमण देखा गया है, लेकिन यह भी कोरोना की तुलना में बहुत धीमा है।
हंता वायरस के प्रमुख लक्षण
हंता वायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 सप्ताह का समय लग सकता है। इसके शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं:
तेज बुखार और ठंड लगना।
मांसपेशियों में तेज दर्द (खासकर कूल्हों, पीठ और कंधों में)।
थकान और सिरदर्द।
उल्टी, दस्त या पेट में दर्द।
गंभीर स्थिति: फेफड़ों में पानी भरना और सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई (HPS)।
मृत्यु दर: जोखिम कितना बड़ा है?
चिंता की बात यह है कि हंता वायरस, कोरोना की तुलना में कहीं अधिक घातक है। जहाँ कोरोना की मृत्यु दर काफी कम थी, वहीं हंता वायरस (HPS) से संक्रमित होने वाले लगभग 38% से 40% मरीजों की जान जाने का खतरा रहता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इसके मामले बहुत ही कम और दुर्लभ होते हैं।
बचाव के उपाय: खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
चूंकि यह चूहों से फैलता है, इसलिए स्वच्छता ही सबसे बड़ा बचाव है:
चूहों पर नियंत्रण: अपने घर, दुकान या गोदाम में चूहों को न पनपने दें।
खाने की सुरक्षा: भोजन को हमेशा बंद डिब्बों में रखें ताकि चूहे उस तक न पहुँच सकें।
सफाई में सावधानी: अगर किसी पुरानी जगह या स्टोर रूम की सफाई कर रहे हैं, तो मास्क और दस्ताने जरूर पहनें। धूल उड़ाने वाली झाड़ू के बजाय गीले पोंछे या कीटाणुनाशक का उपयोग करें।
निष्कर्ष: विशेषज्ञों का कहना है कि भारत या वैश्विक स्तर पर फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। यह वायरस खतरनाक जरूर है, लेकिन कोरोना की तरह संक्रामक नहीं। बस अपने आस-पास सफाई रखें और चूहों से दूरी बनाए रखें।
