भारत देश में एक के बाद एक प्राइवेट बैंको का घोटाला समय समय पर मिलता रहा। हाल ही में देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank को 45 करोड़ रुपये के कथित भुगतान विवाद के चलते बड़ा झटका लगा है। मामले के सामने आने के बाद बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार दोनों में हलचल तेज हो गई। निवेशकों की चिंता बढ़ने से बैंक के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) से जुड़े एक भुगतान से संबंधित बताया जा रहा है। आरोप है कि बैंक द्वारा अतिरिक्त ब्याज भुगतान को अलग मद में दिखाया गया, जिसकी कुल राशि करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले को लेकर बैंक की ऑडिट कमेटी ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि बैंकिंग नियमों के अनुसार किसी जमाकर्ता या संस्था को तय सीमा से अधिक लाभ देना नियमों के खिलाफ माना जाता है। ऐसे में इस भुगतान को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। मामले की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे HDFC Bank के शेयरों पर दबाव देखने को मिला।
हालांकि HDFC Bank ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। बैंक का कहना है कि उसकी सभी प्रक्रियाएं नियामकीय नियमों और आंतरिक नीतियों के अनुसार संचालित होती हैं। बैंक ने यह भी कहा कि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवाद बड़े वित्तीय संस्थानों की साख पर असर डाल सकते हैं। फिलहाल निवेशकों और बैंकिंग सेक्टर की नजर जांच रिपोर्ट और नियामक एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
