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मौसम का डबल अटैक — उत्तर में 'अंगारे', दक्षिण-पूर्व में 'बोछारें'

मौसम का डबल अटैक — उत्तर में ‘अंगारे’, दक्षिण-पूर्व में ‘बोछारें’
देश इस समय मौसम के दो अलग-अलग और बेहद तीखे रूपों का सामना कर रहा है। उत्तर भारत जहां भीषण गर्मी, लू और तपते तापमान से झुलस रहा है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने इसे “एक्सट्रीम वेदर पैटर्न” बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 

दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सूरज आग बरसा रहा है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जबकि कुछ इलाकों में इससे भी अधिक तापमान दर्ज किया गया। दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आने लगी हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हीटवेव जारी रहने की संभावना जताई है। (गर्मी का असर केवल लोगों की दिनचर्या तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली और पानी की मांग पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। लगातार चल रहे एसी, कूलर और पंखों के कारण कई राज्यों में बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। कुछ इलाकों में लोकल फॉल्ट और ओवरलोडिंग के कारण बिजली कटौती की शिकायतें भी सामने आई हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। 

दूसरी तरफ देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मौसम ने बिल्कुल अलग तस्वीर पेश की है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, असम, मेघालय, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। कई स्थानों पर अचानक तेज हवाओं और आकाशीय बिजली ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़कों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीण इलाकों में किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। 

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और अरब सागर में बढ़ती नमी के कारण दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। यही वजह है कि कई क्षेत्रों में लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे रहा है। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में शुष्क और गर्म हवाएं तापमान को लगातार बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि “नौतपा” की शुरुआत के साथ उत्तर भारत में गर्मी और अधिक खतरनाक रूप ले सकती है। 
कृषि क्षेत्र पर भी मौसम के इस दोहरे असर का प्रभाव दिखाई देने लगा है। जहां उत्तर भारत में तेज गर्मी के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है, वहीं बारिश वाले राज्यों में फसलें पानी भराव और तेज हवाओं से प्रभावित हो रही हैं। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। कई राज्यों में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जबकि आपदा प्रबंधन टीमें बारिश प्रभावित इलाकों में सक्रिय कर दी गई हैं। स्कूलों के समय में बदलाव और लोगों को दोपहर में घरों में रहने की सलाह जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की जा रही हैं।

मौसम विभाग ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यह “डबल अटैक” और तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

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