बीजिंग/शांक्सी: चीन के उत्तरी इलाके से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां के शांक्सी प्रांत (Shanxi Province) स्थित एक कोयला खदान में भीषण गैस विस्फोट होने से कम से कम 82 मजदूरों की मौत हो गई है। इस हादसे में 9 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं। इसे चीन में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा माइनिंग हादसा माना जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, बढ़ सकता है आंकड़ा
हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक और मेडिकल आपातकालीन टीमों को मौके पर रवाना किया गया। राहत बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए 150 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, जहरीली गैस के रिसाव, घने धुएं और खदान के अंदर ढही हुई कमजोर दीवारों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में दबे लापता लोगों के मिलने के बाद मौतों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी आई सामने
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस लियुशेनयु कोयला खदान में यह हादसा हुआ है, उस पर करीब पांच महीने पहले ही सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए प्रशासनिक जुर्माना लगाया गया था। खदान के भीतर लगे आपातकालीन स्टॉप डिवाइस ठीक से काम नहीं कर रहे थे और कमजोर छतों को भी दुरुस्त नहीं किया गया था। इस बड़ी लापरवाही को देखते हुए चीनी प्रशासन ने कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है।
राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने दिए सख्त निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने इस पर गहरा दुख जताया है। राष्ट्रपति चिनपिंग ने अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा है:
"घायलों के इलाज और लापता लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी ताकत झोंक दी जाए। हादसे के कारणों की गहनता से जांच हो और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।"
चीन दुनिया में कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है, और वहां की खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण ऐसे हादसे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार की इस भीषण त्रासदी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है।
