उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की टीम द्वारा सराफा बाजार में की गई कार्रवाई के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। BIS टीम ने ‘बॉबी ज्वेलर्स’ नामक दुकान पर छापा मारते हुए आरोप लगाया कि दुकान पर बिना हॉलमार्क, बिना ट्रेडमार्क और जरूरी वैध दस्तावेजों के सोने के आभूषण बेचे जा रहे थे। जांच के दौरान टीम ने कई आभूषणों की जांच की और कथित अनियमितताएं मिलने पर सोना सीज कर लिया।
हालांकि कार्रवाई के तुरंत बाद सराफा व्यापारियों ने BIS अधिकारियों पर मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाए। व्यापारियों का कहना है कि टीम ने बिना दुकानदार की मौजूदगी और बिना किसी उचित अनुमति के दुकान से सोना निकाल लिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान जरूरी कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया।
व्यापारियों के अनुसार, दुकान मालिक मौके पर मौजूद नहीं था, इसके बावजूद अधिकारियों ने दुकान की जांच कर सोने के आभूषण सीज कर दिए। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे सराफा बाजार में हड़कंप मच गया और व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कई व्यापारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। कुछ समय के लिए बाजार में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। व्यापारी संगठनों ने कहा कि यदि किसी व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई करनी है तो वह नियमानुसार और उसकी उपस्थिति में होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की कार्यप्रणाली से व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है।
वहीं BIS अधिकारियों का कहना है कि ग्राहकों को शुद्ध और प्रमाणित आभूषण उपलब्ध कराने के लिए हॉलमार्किंग नियमों का पालन अनिवार्य है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
